21/03/018/ नई दिल्ली /इंदिरा गांधी इंटरनैशनल एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन की प्रक्रिया काफी आसान होने वाली है।, जिनसे यात्रियों का समय बचेगा और एक मिनट से कम समय में वे प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। ई-इमिग्रेशन गेट अगले कुछ महीनों में काम करने लगेंगे। इन गेटों को लगाए जाने के पीछे का मुख्य उद्देश्य एयरपोर्ट पर लंबी-लंबी लाइनों को कम करना और यात्रियों के समय की बचत करना है। यह जानकारी एक अधिकारी ने दी। यह टेक्नॉलजी दुनिया के कई बड़े एयरपोर्ट्स पर पहले से ही मौजूद है और आईजीआई एयरपोर्ट पर फिलहाल इसे ट्रायल बेसिस पर शुरू किया जा रहा है। इस तकनीक के इस्तेमाल से इमिग्रेशन की प्रक्रिया कम से कम 15 सेकंड्स में पूरी हो सकेगी। अधिकारियों ने जानकारी दी कि कई देशों में इसी तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। गेट में कैमरा पैसेंजर के फेस की पहचान करता है और पासपोर्ट की डीटेल्स को भी स्कैन कर लेता है। डीटेल स्कैन करने के बाद गेट स्वयं ही खुल जाता है। हालांकि मशीन में डेटाबेस फीड करना पड़ता है, जिसे पहले एकत्र करना होता है।आईजीआई के एक अधिकारी ने बताया, ‘कम जोखिम वाले यात्री जिन्हें एजेंसियां वेरिफाई कर चुकी हों, वे मशीन के जरिए जा सकते हैं। जो लोग अकसर विदेश जाते हैं, उनके लिए डेटाबेस तैयार किया जाएगा।’ अधिकारी के मुताबिक, यह तकनीक विदेशों में लंबे समय से इस्तेमाल हो रही है, यहां मशीनों को इंस्टॉल करने में समय लगेगा। शुरुआत में टेस्टिंग के लिए दो ई-गेट लगाए जाएंगे। इस मशीन पर अमूमन हर यात्री को 10-15 सेकंड्स का समय लगता है। मौजूदा प्रक्रिया के तहत एक यात्री के इमिग्रेशन प्रॉसेस में औसतन 10 मिनट का समय लग जाता है, जिसें मैनुअल स्टैंपिंग और पासपोर्ट चेक करना शामिल है। दिल्ली एयरपोर्ट पर बीते साल 6 करोड़ 35 लाख यात्री पहुंचे। इस लिहाज से यह एशिया का 7वां सबसे व्यस्त एयरपोर्ट है, जबकि विश्व का 20वां सबसे बिजी एयरपोर्ट। एयरपोर्ट सर्विस क्वॉलिटी(ADQ) 2017 रैंकिंग में आईजीआई को विश्व का बेहतरीन एयरपोर्ट बताया गया था।
